भारत में अंग्रेजी राज्य की स्थापना ch 2 class 8th history class 8th scert notes
भारत में अंग्रेजी राज्य की स्थापना ch 2 class 8th history class 8th scert notes
भारत में अंग्रेजी राज्य की स्थापना
अभ्यास
आइए फिर से याद करें
- रिक्त स्थानों को भरें :-
(क) भारत और यूरोप के बीच स्थल मार्ग से होनेवाले व्यापार में ……………. की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
उत्तर- रेशम मार्ग
(ख) कंपनी द्वारा खरीदा गया माल ………………… में रखा जाता था ।
उत्तर- फैक्टरी
(ग) एक के बाद एक कई लड़ाइयों में मराठों को …………………. कर दिया ।
उत्तर- कमजोर
(घ) …………… अंग्रेजों के साथ सबसे पहले आर्थिक सहायक संधि को स्वीकार किया ।
उत्तर- हैदराबाद
(ङ) ……………… ने विलय नीति का अनुसरण किया ।
उत्तर-लॉर्ड डलहौजी
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- सही और गलत बातइए :-
(क) यूरोप के व्यापारी भारत में अपना माल बेचने और बदले में यहाँ से सोना चाँदी लेने आए थे ।- सही
(ख) ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में व्यापार करने का एकाधिकार मिल गया । – सही
(ग) भारतीय राज्य एकता के अभाव में एक-एक कर अंग्रेजी शासन के अधीन होते चले गए ।- सही
(घ) कर मुक्त व्यापार से बंगाल के राजस्व का काफी नुकसान हो रहा था।- सही
(ङ) कंपनी की सेना की जीत हुई, क्योंकि उनके पास भारतीय सेनाओं से बेहतर तोपें और बंदूकें थीं-सही
आइए विचार करें :-
प्रश्न
(i) यूरोप की व्यापारिक कंपनियों ने क्यों भारत के राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप करना शुरू किया ?
उत्तर – भारत ,वं यूरोप के बिच व्यापारीक संबंध प्राचिन काल से हि था। प्राचिन काल में भारत एवं यूरोप के बिच व्यापार स्थल मार्ग (रेशम मार्ग) से होता था।
1498 ई. में वास्कोडिगामा द्वारा भारत आने वाली समुद्री मार्गो कि खोज किया गया इसके बाद यूरोपिये देशो जैसे, ब्रिटिश, पुर्तगाल, डच इत्यादि भारत में व्यापार करने आय ब्रिटेन ने देख कि भारत में देशी रिसायतो के बिच आपसी वर्चLo कि लड़ाई थी उस समय भारत के मराठा और मुगलो जैसे सezkt भी आपस में विभाजीत हो चुका था। भारत के इसी कमजोर स्थिति का फायदा उठाकर यूरोप कि व्यापारीक कंपनी ने भारत के राजनितिक मामलो में हस्तछेप करना शुरू किया।
प्रश्न
(ii) अंग्रेज बंगाल पर क्यों अधिकार करना चाहते थे ?
उत्तर — बंगाल राज्य मुगल शासक eksहमद शाह के समय ऊड़ीसा, अलग हुआ है। वर्तमान समय के बिहार, ऊड़ीसा, झारखण्डी, पश्चिम बंगाल, असम और बांग्लादेश बंगाल राज्य के अंतर्गत आता था। बंगाल का क्षेत्र बड़ा होने के कारण यkहाँ से राजस्व भी अधीक मात्रा में वसूलता था।
रॉबर्ट क्लाइव के अनुसार बंगाल राज्य कि राजधानी मुर्शिदाबाद लन्दन शहर से अधिक सम्पन्न और
धनवान था।
बंगाल राज्य के नबाब गीर कासिम मुर्शिदाबाद से अपनी राजधानी मुंगेर (बिगर) ले गया और मुंगेर मे अपना किला और गोले बारूदो के कारखाना स्थापित किया और तिलगुट सेना बनाकर अक्रमण किया इसलिए अंग्रेज बंगाल पर अधिकार करना चाहता था।
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प्रश्न
(iii) क्यों और किन परिस्थितियों में भारतीय शासकों ने सहायक संधि की शर्तों को स्वीकार किया ?
उत्तर—सहायक संधि को भारत में लार्ड बेलेजली ने 1498 ई. में लाया था। सहायक संधि के अंतर्गत भारतीय राजाओ का एक अंग्रेजी सेना का टुकड़ि रहता था और उसका पुरा खर्चा उस राजा को देना पड़ता था। सहायक संधि को स्विकार करने वाला पहला राज्य हैदराबाद तथा दुसरा राज्य अवध था।
प्रश्न
(iv) पलासी और बक्सर के युद्धों में आप किसे निर्णायक मानते हैं और क्यों ?
उत्तर – पलासी का युद्ध1757 ई० में मुर्शिदाबाद के पास पलासी नामक स्थान पर हुआ था। यह युद्ध बंगाल के तत्कालिन नवाब सिराजुदौला और अंग्रेजी सेनापति राबर्ट क्लाइव के नेतृत्व मे हुआ था। इस युद्ध में सिराजुदौला के सेनापति ehj tkQj अंग्रेजो के साथ मिल गया जिस कारण इस युद्ध मे सिराजुदौला मारा गया इसके बाद बंगाल के नवाब ehj tkQj अंग्रेज के अनुसार बंगाल में शासन करने लगा था।
बक्सर का युद्ध बिहार के बक्सर नामक स्थान पर सन् 1764 ई० में हुआ था। इस युद्ध में बंगाल के नवाब ehj कासिम और अवध के नवाब शुजाउदौला तथा मुगल शासक शाहआलम द्वितिये के संयुक्त सेना तिलगुट सेना और कंपनि के सेना के बिच हुआ था। अंग्रेजी सेनापति राबर्ट क्लाइव के कुशल नेतृत्व एवं अंग्रेजी सेना के आधुनिक हथियार के वजह से कंपनी कि सेना इस युद्ध में विजयी राहा के परिणाम स्वरूप 1765 ई. मे शाहआलम द्वितिय एवं राबर्ट क्लाइन के बिच इलाहाबाद कि संधि हुई फल स्वरूप बिहार, बंगाल और ऊड़िसा कि दिवानी अंग्रेजो को मिल गई।
अतः-पलासी के युद्ध और बक्सर के युद्ध में बक्सर का युद्ध निर्णायक हैं ।
भारत में अंग्रेजी राज्य की स्थापना
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